1) भारतीय थलसेना (Indian Army) के जांबाज जवान लांस नायक हनुमन्थप्पा (Lance Naik Hanamanthappa) 11 फरवरी 2016 को अंतत: मौत से चली अपनी लड़ाई हार कर दिल्ली स्थित सेना के एक अस्पताल में गुजर गे। उन्हें सियाचिन स्थित सेना की एक चौकी से 35 फीट मोटी बर्फ की परत के नीचे 5 दिन दबे रहने के बाद 8 फरवरी को जिंदा निकाला गया था। वे थलसेना की किस रेजीमेण्ट से सम्बद्ध जवान थे? – 19 मद्रास रेजीमेण्ट (19 Madras Regiment)
विस्तार: हनुमन्थप्पा कर्नाटक के धारवाड जिले के बेटादूर गाँव के एक कृषक परिवार में जन्में थे। तीन सेना भर्तियों में एक जवान के रूप में अपना चयन कराने में असफल रहने के बाद लगभग 14 वर्ष पूर्व वे अंतत: भारतीय थलसेना की 19 मद्रास रेजीमेण्ट (19 Madras Regiment) में जवान के रूप में अपना चयन कराने में सफल हुए थे।
– वे जम्मू-कश्मीर के अत्यंत दुर्गम सियाचिन (Siachen) ग्लेशियर में स्थित एक चौकी में अपने साथियों के साथ पहरा दे रहे थे जब 3 फरवरी 2016 को उनकी चौकी बर्फ के एक विशाल तूफान की चपेट में आ गई। उनके सभी साथी इस तूफान में मारे गए लेकिन आश्चर्यजनक रूप से 35 फीट मोटी बर्फ की परत के नीचे 5 दिन तक दबे रहने के बावजूद हनुमन्थप्पा को जब 8 फरवरी को सेना के राहत दल ने निकाला तब उनकी सांसें चल रही थीं।
– उन्हें 9 फरवरी को नई दिल्ली स्थित भारतीय सेना के रिसर्च एण्ड रेफरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहाँ उनकी हालत काफी नाजुक थी। अंतत: मौत से लड़ने की अपनी शानदार जिजीविषा प्रदर्शित कर उन्होंने जब 11 फरवरी को इस दुनिया को विदा कहा तब पूरे भारतवर्ष की आंखें नम थीं।
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2) देश को मलेरिया (Malaria) से मुक्त कराने के एक महात्वाकांक्षी अभियान के तहत भारत सरकार ने 11 फरवरी 2016 को राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन फ्रेमवर्क (National Framework for Malaria Elimination – NFME) को शुरू किया। इस फ्रेमवर्क का मुख्य उद्देश्य क्या है? – देश को वर्ष 2027 तक पूरी तरह से मलेरिया से मुक्त कराना
विस्तार: केन्द्र सरकार ने 11 फरवरी 2016 को राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन फ्रेमवर्क (NFME) योजना को शुरू किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारतवर्ष से वर्ष 2027 से मलेरिया का पूरी तरह से उन्मूलन करना है। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मलेरिया से उन्मूलन के लिए वर्ष 2030 का वर्ष तय किया है तथा इस प्रकार भारत सरकार WHO के लक्ष्य से आगे चल रही है।
– इस योजना (NFME) को अगले पाँच वर्ष क्रियान्वित करने के लिए बाद इसकी एक समीक्षा करने के बाद इसमें आवश्यकतानुसार सुधार कर इसे पुन: लागू किया जायेगा। इसके तहत बुखार से पीड़ित लोगों पर मलेरिया के लगातार डायग्नोस्टिक परीक्षण किए जायेंगे तथा इनमें से मलेरिया के लिए पॉज़िटिव पाए जाने वाले लोगों का तुरंत वृहद इलाज किया जायेगा। इस योजना के पहले चरण में इसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा पंजाब में लागू किया जायेगा।
– इसके अलावा यह योजना मलेरिया से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में भी लागू की जायेगी जिसमें उत्तर-पूर्व के राज्य तथा पूर्वी तथा मध्य भारत के जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जायेगा।
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3) देश भर की लगभग 1 लाख जेवरात दुकानें (jewellery shops) 10 फरवरी 2016 को केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए किस नए कानून के विरोध में बंद रखी गईं? – 2 लाख रुपए या इससे अधिक के जेवर खरीदने पर खरीददारों की पैन कार्ड (PAN Card) की जानकारी अनिवार्य रूप से हासिल करने का कानून
विस्तार: देश भर के 300 से अधिक जेवरात संगठनों से जुड़े लगभग 1 लाख जेवर प्रतिष्ठान 10 फरवरी 2016 को केन्द्र सरकार द्वारा 1 जनवरी 2016 से पैन कार्ड (PAN Card) की जानकारी प्राप्त करने के कानून के लागू किए जाने के विरोध में बंद रखे गए। उक्त नियम के तहत अब दो लाख अथवा उससे अधिक के जेवर बिना पैन कार्ड का विवरण दिए नहीं खरीदे जा सकते हैं।
– देश के तमाम ज्वैलर्स संगठनों ने दावा किया कि इससे जेवर की बिक्री प्रभावित हुई है, खासकर अर्द्ध-शहरी तथा ग्रामीण अंचलों में। ऐसा इसलिए है कि देश में इस समय मात्र 22.3 करोड़ पैन कार्ड जारी हुए हैं तथा ऐसे लोग जिनके पास पैन कार्ड नहीं है उन्हें जेवर खरीदने में खासी दिक्कत पेश आ रही है। संगठनों द्वारा किए गए दावे के अनुसार 1 जनवरी 2016 से इस नए नियम को लागू किए जाने के बाद जेवर की बिक्री में लगभग 30% की गिरावट दर्ज हुई है।
– ज्वैलर्स संगठनों के अनुसार जेवर की देश में लगभग 50% मांग ग्रामीण अंचलों तथा छोटे कस्बों में होती है तथा यहाँ पैन कार्ड का नियम लगाए जाने के कारण सर्वाधिक प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इन संगठनों ने तुरंत इस नियम को वापस लेने की मांग केन्द्र सरकार से की है।
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4) केन्द्र सरकार ने अपनी “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” (‘Beti Bachao Beti Padhao’) योजना को 10 फरवरी 2016 को विस्तारित कर इसे देश के कितने और जिलों में लागू कर दिया? –61 जिले
विस्तार: “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, जोकि महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय की सर्वप्रमुख योजनाओं में से एक है, को विस्तारित कर इसे देश के 61 और जिलों में क्रियान्वित कर दिया गया। यह 61 जिले देश के 11राज्यों में फैले हैं। उल्लेखनीय है कि अभी तक यह योजना देश के 100 जिलों में लागू थी।
– वे 11 राज्य जहाँ इस योजना को क्रियान्वित किए जाने वाले 61 जिले स्थित हैं – उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखण्ड।
– “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” योजना को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2015 में सर्वप्रथम हरियाणा में लागू किया था तथा इसका मुख्य उद्देश्य चयनित जिलों में लिंगानुपात में आ रही गिरावट को नियंत्रित कर यहाँ लड़कियों की संख्यात्मक तथा गुणात्मक स्थिति में सुधार करना है।
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5) जाड़े की फसल (रबी फसल) के बर्बाद होने की घोषणा करने वाला देश का पहला राज्य कौन सा है जिसने 10 फरवरी 2016 को राज्य की 70% फसल हो जाने की घोषणा की? – कर्नाटक (Karnataka)
विस्तार: 10 फरवरी 2016 को कर्नाटक (Karnataka) देश का पहला राज्य बन गया जिसने अपने यहाँ जाड़े की फसल (Rabi Crops) बर्बाद होने का दावा किया हो। जाड़े की फसल के बर्बाद होने का दावा करते हुए कर्नाटक सरकार ने 1,417 करोड़ रुपए की केन्द्रीय सहायता की मांग की तथा कहा कि राज्य में 7,209 करोड़ रुपए की रबी की फसल बर्बाद हो गई है। राज्य के द्वारा किए गए दावे के अनुसार राज्य में बोई गई लगभग 70% रबी फसल बर्बाद हो गई ही।
– यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब सर्दियों के दौरान सामान्य से अधिक तापमान रहने के कारण देश के कई प्रमुख राज्यों जैसे महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में फसलों को भारी नुकसान होने का समाचार सामने आया है। इस बार की रबी फसल के बर्बाद होने का तात्पर्य होगा कि देश में लगातार चौथी बार फसल बर्बाद हुई है। उल्लेखनीय है कि 2014 तथा 2015 की खरीफ फसल भी बर्बाद हो गई थी जबकि देश के 15 राज्यों में बेमौसम की बरसात के कारण पिछले साल भी रबी की फसल को भारी नुकसान हुआ था।
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6) सुप्रसिद्ध वीडियो स्ट्रीमिंग साइट यूट्यूब (YouTube) द्वारा 10 फरवरी 2016 को लाँच की गई विज्ञापन-मुक्त प्रीमियम वीडियो स्ट्रीमिंग सेवा (ad-free premium video streaming service) का क्या नाम है जिसके द्वारा यह कम्पनी नेटफ्लिक्स (NetFlix) जैसी कम्पनियों का सामना करना चाहती है? – “यूट्यूब रेड ऑरीजिनल्स”
विस्तार: “यूट्यूब रेड ऑरीजिनल्स” (‘YouTube Red Originals’) गूगल (Google) की यूट्यूब (YouTube) की विज्ञापन-मुक्त प्रीमियम वीडियो स्ट्रीमिंग सेवा का नाम है जिसे कम्पनी ने 10 फरवरी 2016 को लाँच कर दिया। इस सेवा में प्रयोगकर्ता वीडियोज़ को बिना विज्ञापन की बाधाओं के देख सकेंगे तथा अपने मनपसंद वीडियोज़ को सेव (Save) भी कर सकेंगे जिससे वे बाद में उन्हें बिना इंटरनेट की मदद से (Offline) देख सकेंगे।
– इस सेवा की सबसे खास बत है कि इसे देखने के लिए शुल्क लगेगा तथा इसके द्वारा यूट्यूब पेड वीडियो स्ट्रीमिंग सेवाओं के जनक मानी जाने वाली कम्पनी नेटफ्लिक्स (NetFlix) का मुकाबला करने की कोशिश करेगी। इस सेवा को यूट्यूब के अलावा प्ले स्टोर (Play Store) पर भी देखा जा सकेगा।
– यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि इस सेवा को फिलहाल भारत में उपलब्ध नहीं कराया गया है लेकिन इसके लिए कम्पनी ने भारतीय दर्शकों के लिए एक प्रकार की बैकडोर व्यवस्था की है।
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